नेशन एक्सप्रेस इंडिया संवाद,
मुरादाबाद। नवाबपुरा से लालबाग होते हुए काली माता मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण और दोनों ओर की गई लाल मार्किंग को लेकर स्थानीय नागरिकों में चिंता है। आरोप है कि कहीं 6 मीटर, कहीं 7.5 मीटर और कहीं 8 मीटर तक मार्किंग की गई है, जिससे मकानों, दुकानों और छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनकी मांग है कि सड़क की स्वीकृत चौड़ाई, DPR, स्वीकृत नक्शा और प्रभावित होने वाले मकानों व दुकानों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए।
आयुष कौशिक के द्वारा *IGRS और RTI से उठाया मामला* इस संबंध में IGRS पर दो शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। पहली शिकायत संख्या 40013526036236 में 6, 7.5 और 8 मीटर की मार्किंग का तकनीकी आधार, DPR, नक्शा और प्रभावित क्षेत्र की जानकारी मांगी गई थी। प्रशासन के जवाब में केवल अतिक्रमण और कुछ गाटा संख्याओं का जिक्र किया गया, लेकिन मार्किंग का स्पष्ट आधार नहीं बताया गया।इसके बाद दूसरी IGRS शिकायत संख्या 40013526042689 दर्ज कराई गई। इसमें पूछा गया कि जिन गाटा संख्याओं का उल्लेख किया गया है क्या वे केवल सरकारी भूमि तक सीमित हैं या पूरे क्षेत्र को दर्शाती हैं। साथ ही कितने मकान, दुकान और खोखे प्रभावित होंगे, इसकी सूची मांगी गई।नगर निगम से RTI के माध्यम से भी जानकारी मांगी गई है। RTI पंजीकरण संख्या NNMRD/R/2026/60081 है जो 19 जुलाई 2026 को दाखिल की गई थी। RTI रिकॉर्ड में आवेदन प्राप्त होना दिखाया गया है, लेकिन अभी तक पूर्ण जवाब नहीं मिला है।*विकल्प तलाशने की मांग* शिकायतकर्ता का कहना है कि सड़क की गुणवत्ता, जलनिकासी, कूड़ा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था सुधारने से भी समस्या हल हो सकती है। नवाबपुरा लालबाग रोड पर कूड़ाघर के पास बारिश में जलभराव और आवारा पशुओं की समस्या भी बनी हुई है। सवाल है कि चौड़ीकरण से पहले इन कम हानिकारक विकल्पों का तकनीकी परीक्षण किया गया है या नहीं।स्थानीय लोगों ने कहा कि लालबाग क्षेत्र केवल बाजार नहीं बल्कि राधा कृष्ण मंदिर, दुर्गा मंदिर, काली माता मंदिर, शनिदेव मंदिर और मृतक विश्राम गृह जैसे आस्था के केंद्रों से भी जुड़ा है। इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले वैध संपत्ति और वास्तविक अतिक्रमण में अंतर करते हुए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


