एनेबीएल टेस्टिंग के नाम पर सरकारों को लगाया जा रहा है करोड़ों का चुना
नेशन एक्सप्रेस इंडिया संवाद,
मुरादाबाद। नगर निगम के जलकल विभाग में 30 निविदाओं को लेकर अनियमितता के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण विभाग की तरह काफी समय से एनएबीएल की अनावश्यक शर्त लगाकर लगभग 50,60 ठेकेदारों का ग्रुप बनाकर कमीशन स्लेब से अतिरिक्त पर्सेंटेज लेकर टेंडर मेनेज कराये जा रहें हैं। सूत्रों के अनुसार मेनेज सिस्टम के अंतर्गत आने वाले चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए जकलल विभाग के द्वारा निकाले गए टेंडरों में खेल करते हुए तकनीकी बिड निरस्त कर NABL की शर्तों में बदलाव कर दिया गया।जानकारी के अनुसार जलकल विभाग ने पत्रांक 547 दिनांक 11.06.2026 को ई-टेंडरिंग के माध्यम से 30 निविदाएं आमंत्रित की थीं। इनकी तकनीकी बिड 02.07.2026 को खोली जानी थी। आरोप है कि इसमें 4-5 अन्य ठेकेदारों के भाग लेने के कारण सक्षम अधिकारी द्वारा मनमानी करते हुए तकनीकी बिड को अकारण निरस्त कर दिया गया।तकनीकी बिड निरस्त होने के बाद विभाग ने पत्रांक 690 दिनांक 24.07.2026 को पुनः निविदाएं आमंत्रित की। जबकि नियमानुसार ये ही निविदाएं पुनः होनी चाहिए थी, लेकिन विभाग ने इन निविदाओं को पुनः न निकालते हुए नये पत्रांक नं के माध्यम से जारी कर दी आरोप है कि इसी दौरान NABL की शर्त में भी बदलाव करते हुए टेंडर प्रकाशित होने और डाले जाने के बीच की समय सीमा की बाध्यता लगा दी।यहां सबसे गंभीर आरोप यह है कि 24.07.2026 को प्रकाशित हुई निविदा की जानकारी मेनेज सिस्टम के अंतर्गत आने वाले ठेकेदारों को 2 दिन पहले 22.07.2026 को ही मिल गई। और उन्होंने उसी दिन आनन फानन में उस Vardhman Testing Laboratory OPC Pvt Ltd को NABL टेस्ट के लिए सैंपल भेज भी दिया जो पाइप की टेस्टिंग के लिए वैध भी नहीं है। चौंकाने वाली बात कि टेंडर नोटिस में एनएबीएल की शर्त के मुताबिक टेस्टिंग मांगी गई है निविदाएं प्रकाशित होने के बाद की तिथि की और *नियमानुसार होना भी यही चाहिए कि टेस्टिंग के लिए किसी चीज का सैंपल टेंडर होने और वर्क आर्डर जारी होने के बाद जाना चाहिए* परंतु टेंडर लेने के वह लालची ठेकेदार टेंडर प्रकाशित होने से दो दिन पहले 22 तारीख को ही सैंपल भेज चुके और अनुचित लाभ लेने के कारण नगर निगम अधिकारी भी एनएबीएल की शर्त में अपने द्वारा लगाई गई समय सीमा की बाध्यता को दरकिनार कर उनके टेंडर मंजूर करके धांधली की तैयारी कर रहे हैं। कुछ ठेकेदारों का कहना है कि विभाग टेस्टिंग नहीं कराता है सूत्रों का यह भी कहना है कि डेढ़ वर्ष पूर्व निर्माण कार्य के लिए भी 276 टेंडर निकाले गए थे जो निरस्त कर नये सिरे से मेनेज सिस्टम के अंतर्गत बिना किसी शासनादेश के पहली बार एनएबीएल की शर्त के साथ निकाले गए थे वहां भी वो शर्त निरंतर चल रही है और यहां भी जारी है अपने अनुचित लाभ लेने के कारण अधिकारी अब उनके टेंडर मंजूर कर धांधली करने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि यह एनएबीएल टेस्ट लैब रिपोर्ट जारी कराने के पीछे नोएडा स्थित वर्धमान टेस्टिंग लेबोरेटरी ओपीसी पीवीटी लिमिटेड का ही हाथ है यह फर्म जिस चीज की टेस्टिंग के लिए वैध नहीं है उसकी भी टेस्टिंग रिपोर्ट जारी कर रही है इस फर्म ने इसलिए ही नगर आयुक्त से सांठगांठ करके इसे हर जगह लागू करा रखा है जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। बाहरहाल पूरे प्रकरण से प्रतीत होता है कि यहां भी पेपर से पहले पेपर लीक हो गया है और पेपर लीक करने वालों को सजा तो लाजमी मिलनी चाहिए अब देखते हैं नगर निगम अधिकारियों की ये धांधली रुकती है या नहीं। टेंडर प्रकरण के विषय में जीएम जलकल से बात की गई परंतु उन्होंने सही जवाब देने से किनारा कर लिया।

