नगर निगम शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों में बने हुए हैं वर्षों से मठाधीश
नेशन एक्सप्रेस इंडिया
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा वर्ष 2026 की वार्षिक तबादला नीति जारी कर दी है। जिसके अनुसार जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण 31 मई तक किए जाने हैं। जनपद मुरादाबाद के सरकारी विभागों में वार्षिक तबादला नीति का पालन कई सालों से नहीं हुआ है। मुरादाबाद के लगभग सभी विभागों में कुछ कर्मचारी और बाबू ऐसे हैं जो 10 वर्ष से अधि एक समय से एक ही कार्यालय में तैनात हैं और मनमाफिक पटल पर कार्य भी कर रहे हैं। परंतु अब एक बार फिर तबादला नीति जारी होते ही इन सबसे खलबली तो मची हुई है। बात करें कोषागार कि तो यह कुछ कर्मचारियों की पनाहगाह बन चुका है। इसमें जो कर्मचारी एक बार आ गया वह जाने का नाम ही नहीं ले रहा। उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्षिक स्थानांतरण नीति में तीन साल से अधिक एक ही स्थान पर कार्य
करने वाले कर्मचारियों को हटाए जाने के निर्देश दिए हैं।
परंतु कोषागार मुरादाबाद के अधिकारियों की कृपा से यहां इस नियम का कोई पालन होता नहीं दिख रहा है। कोषागार में बहुत सारे कर्मचारी 10 और 15 वर्ष से भी अधिक समय से जमे हुए हैं और मनमर्जी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार लेखाकार नत्थू सिंह 40 वर्षों से, अमित अग्रवाल 24 वर्षों से तथा जय प्रकाश 38 वर्षों से कार्यरत है। बात करें नगर निगम की तो निर्माण विभाग में पांच वर्ष से अधिक समय से अवर अभियंता किशन लाल जमे हुए हैं जो लगभग डेढ़ वर्ष पहले यहीं पर ही सहायक अभियंता हो गए हैं। अवर अभियंता बिजेंद्र यादव पांच वर्ष से अधिक समय से जमे हुए हैं लगभग दो वर्ष पूर्व यहीं पर ही सहायक अभियंता हो गए हैं। अवर अभियंता शिव मोहन पांच वर्ष अधिक समय से जमे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि है कि इन सभी का स्थानांतरण पिछले साल विभिन्न जनपदों के लिए हो चुका है बावजूद इसके नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने इन्हें आजतक कार्यमुक्त नहीं किया है।इन सबके लंबे समय तक जमें रहने से नगर निगम निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार भी पनप रहा है।विभाग मुरादाबाद की बात करें तो खंड शिक्षा अधिकारी मोहित कुमार, शिवम गुप्ता के साथ ही बाबू ललित कुमार, निश्चित अरोड़ा, रानू शर्मा, संदीप कुमार, जीत सिंह, के अलावा संविदा पर तैनात कुछ कर्मचारी भी वर्षों से जमे हुए हैं। विकास भवन मुरादाबाद में स्टेनो गोविंद सिंह के साथ ही कलेक्ट्रेट मुरादाबाद सहित लगभग सभी विभागों में काफी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जो लंबे समय से कार्यरत हैं। जिनका न तो कभी जिला बदला है और न कभी मंडल लेकिन इस बार सभी में अपने तबादले को लेकर खलबली तो मची हुई अब देखते हैं कि इस बार की तबादला नीति में भी इनका तबादला होता है या नहीं।

