नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। लाकड़ी फाजलपुर में चौहानों वाली मिलक के पास निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर के पांच बीम एकाएक गिर गये। अच्छी बात ये रही कि घटना के समय नीचे कोई मजदूर मौजूद नहीं था, वरना और बड़ा हादसा हो सकता था। परंतु बड़ा हादसा होने से भले ही टल गया हो, मगर पूरे कन्वेंशन सेंटर की निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताते हैं कि नगर निगम की ओर से कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के द्वारा ये काम कराया जा रहा है। सीएंडडीएस ने भी एमए डेवलपर्स को यह काम सौंपा है। जो कि पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माण किया जा रहा है। मगर, इस बीच गिरे बीम से भविष्य में भी सेंटर की बिल्डिंग की सुरक्षा पर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं।
आपको बता दें नगर निगम की ओर से 810-‘वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कन्वेशन सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें शादियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम समेत तमाम सुविधाएं मिलेंगी। इसका निर्माण सितंबर 2025 में टेंडर होने के बाद शुरू हुआ।

मजदूरों ने जानकारी दी कि गुरुवार की शाम करीब छह बजे हाल की छत पर लिंटर डालने की तैयारी चल रही थी। सरियों का जाल बिछाया जा चुका था। इसी दौरान अचानक शटरिंग का संतुलन बिगड़ गया और पांच बीम भरभराकर नीचे आ गये। सिर्फ इसमें अच्छी बात यह रही कि कोई मजदूर इनके नीचे नहीं था। बीम गिरने के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। घटना की सूचना पर नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने मुख्य अभियंता मोइनउद्दीन को मौके पर भेजा। सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक रजनीश जायसवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं नगर आयुक्त ने भी अब पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। इस सारे प्रकरण में एक बात तो साफ निकल कर आ रही है कि क्या यह निर्माण नगर निगम अधिकारियों की देखरेख में नहीं हो रहा था क्या चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन को नगर आयुक्त ने पहले निर्माण कार्य को परखने के लिए नहीं भेजा क्या परियोजना प्रबंधक ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई। यदि इस हादसे में कुछ जाने चली जाती तो कौन जिम्मेदार होता।
वैसे नगर निगम की निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही का नया मामला नहीं है पहले भी कटघर स्थित अटल घाट पर खराब निर्माण के कारण बंदे की दीवार गिर चुकी है। जिस पर नगर आयुक्त की तरफ से ठेकेदार पर कार्यवाही की गई पर वह ठेकेदार कुछ दिन बाद ही दूसरी फर्म के माध्यम से कार्य करने लगा गया।
