नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में जिला समन्वयक के अस्थाई पद सृजित कर विभिन्न योजनाओं ओर कार्यों को संचालित कराया जाता है। यह पद आउट सोर्सिंग के माध्यम से भरे जाते हैं जनपद मुरादाबाद में अस्थाई तौर पर चयन हेतु सृजित जिला समन्वयको बालिका शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता और प्रशिक्षण के पद के लिए लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुरादाबाद की ओर से 05 दिसंबर 2025 को विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे गए थे। परंतु विज्ञप्ति के अनुसार विभाग के द्वारा सिर्फ जिला समन्वयक पद पर ही चयन किए गए हैं बाकी पदों पर अभी कुछ नहीं हुआ है।

अपनी कारगुज़ारियों के लिए मशहूर मुरादाबाद का बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर से नए विवादों में घिरता नजर आ रहा है और इस बार इसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों पर भी उंगली उठ रही है। ताजा मामला समग्र शिक्षा अभियान में जिला समन्वयक डीसी के पदों पर हुई संविदा नियुक्ति को लेकर सामने आ रहा है। जिसमें चयन समिति की अध्यक्ष और मुख्य विकास अधिकारी मुरादाबाद के कार्यालय में तैनात प्रभावी स्टेनो गोविंद सिंह के बेटे चिरंजीव ठाकुर के चयन और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। मुरादाबाद में हुई डीसी चयन प्रक्रिया और तैनाती को लेकर बिजनौर निवासी नाजिम हुसैन ने प्रदेश के उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर चयन प्रक्रिया निरस्त करने की मांग करी है। उन्होंने सारी प्रक्रिया को गलत और नियम विरुद्ध बताते हुए कहा है कि रैंडमली पांच पांच को बुलाया जाना था परन्तु यहां ऐसा नहीं किया गया क्योंकि पांच पांच बुलाने पर स्टेनों गोविंद के बेटे का नाम नहीं आता इसलिए सभी को एक साथ बुलाया गया। शिकायत कर्ता ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुरादाबाद के कर्मचारियों की संलिप्तता और सांठगांठ की आशंका भी व्यक्त की है। अब समिति के द्वारा किए गए चयन के बाद आरोपों को बल मिलता भी दिखाई पड़ रहा है। क्योंकि यदि 5000 आवेदनों में से समिति अध्यक्ष के स्टेनो के बेटे का चयन हो सकता है तो चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा होना जायज है और इसकी उच्च स्तरीय जांच भी जरूरी हो जाती है। अब देखते हैं जिला प्रशासन इसमें क्या कार्यवाही करता है।
