अभिषेक गौड़,
नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात विमलेश कुमार के रोज नए कारनामे सामने आ रहे हैं। अपने दो वर्ष के कार्यकाल में उपलब्धि के नाम पर विमलेश कुमार ने अनियमितताओं और घोटालों की झडी़ लगा रखी है। शुरूआत में खंड शिक्षा अधिकारियों को मनमर्जी छूट देकर विवादित और भ्रष्टाचारी लोगों को संरक्षण देने से लेकर अब मिड डे मील योजना में ब्लैक लिस्टेड एनजीओ का चयन करना, आंगनबाड़ी एजुकेटर के पदों के चयन में विसंगति होने के साथ ही शासनादेश के विपरीत कार्यालय में लिपिकों का अटैचमेंट बनाए रखना आदि प्रमुख ऐसे मामले हैं जिनमें बीएसए विमलेश कुमार की संलिप्तता स्पष्ट तौर पर सामने आ रही है। धीरे धीरे खुल रही परतों में बीएसए विमलेश कुमार का पुरा कार्यकाल ही घोटालों और गलत कामों से घिरा नजर आ रहा है। अब कमिश्नर मुरादाबाद द्वारा करवाई की जा रही जांच में कई सारे ऐसे बिंदु सामने आ रहे हैं जिससे बीएसए का बचना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है।

पूर्व में भी हो चुके हैं निलंबित
वर्ष 2020 के दौरान जनपद कुशीनगर में तैनाती के दौरान शिक्षको के वेतन निर्धारण और उनको नियम विरुद्ध ढंग से वेतन भुगतान के मामले में शासन के द्वारा निलंबित किया गया था। परन्तु वर्तमान मामलों को देखने से यह लगता है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार ने अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं किया।
