अभिषेक गौड़,
नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। ब्लैक लिस्टेड एनजीओ को बरसों तक दिया काम और हुई रुपयों की बंदरबांट अपनी कार्यप्रणाली के लिए चर्चित बेसिक शिक्षा विभाग में एक नया मामला सामने आ रहा है। यहां नगरीय क्षेत्रों में मिड डे मील की आपूर्ति करने वाले एनजीओ के चयन में कई अनियमितताएं और मनमर्जी किए जाने की शिकायत होने के बाद आयुक्त मुरादाबाद मंडल के स्तर से हो रही जांच में यह खुलासा हुआ है कि जिन एनजीओ को मुरादाबाद में मिड डे मील वितरण की जिम्मेदारी दी गई थी वह पूर्व से ब्लैक लिस्टेड है और उसके खिलाफ राशन की कालाबाजारी में मुकदमा भी दर्ज है। जबकि मुरादाबाद में उसी एनजीओ को बरसों से काम दिया जा रहा है और उसकी कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश भी हुई है। जांच शुरू होने और मामले के खुलासे के बाद से बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार और मिड डे मील समन्वयक अखिलेश सागर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि अखिलेश सागर 15 सालों से भी ज्यादा समय से संविदा पर मिड डे मील योजना में कार्यरत है और इस पर अक्सर ही आय से अधिक संपत्ति एकत्र करने और मिड डे मील योजना में घोटाले करने के आरोप लगते रहे हैं। अब देखते हैं कि इस मामले के बाद इस पर क्या कार्यवाही होती है।
