नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। सरकारी विभागों में वार्षिक तबादला नीति पालन वर्षा से नहीं हुआ है। मुरादाबाद के अधिकतर विभागों में कुछ अधिकारी कर्मचारी एवं बाबू तो ऐसे हैं जो 10 – 10 वर्षों से अधिक समय से एक ही कार्यालय में तैनात हैं और मनमाफिक पटल पर कार्य भी कर रहे हैं। बात करें कोषागार कि तो यह कुछ मठाधीश कर्मचारियों की पनाहगाह बन चुका है। इसमें जो कर्मचारी एक बार आ गया वह जाने का नाम ही नहीं ले रहा। उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की वार्षिक स्थानांतरण नीति में तीन साल से अधिक एक ही स्थान पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को हटाए जाने के निर्देश दिए गए थे। परंतु ट्रेज़री मुरादाबाद के अधिकारियों की कृपा से यहां इस नियम का कोई पालन होता नहीं दिख रहा है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किसी भी राजकीय कार्यालय में कर्मचारियों के 3 वर्ष में पटल परिवर्तन किए जाने और 5 वर्ष में कार्यालय बदले जाने का नियम है। परंतु इसके विपरीत ट्रेज़री में बहुत सारे कर्मचारी 10 – 15 वर्ष से भी अधिक समय से जमे हुए हैं और मनमर्जी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार लेखाकार नत्थू सिह 40 वर्षो से, अमित अग्रवाल 24 वर्षो से तथा जय प्रकाश 38 वर्षो से कार्यरत हैं। इसके अलावा मुरादाबाद नगर निगम निर्माण विभाग में पांच वर्ष तक जेई के पद कार्य करते हुए यहीं पर एई हो चुके किशन लाल, जेई शिव मोहन, वहीं विजेंद्र यादव की बात करें तो मुरादाबाद में ही लंबे समय तक जेई रहते हुए एई हो गए हैं इन सभी का एक वर्ष पूर्व शासन द्वारा तबादला कर दिया गया परंतु नगर आयुक्त के द्वारा अभी तक इन सबको कार्यमुक्त ही नहीं किया गया। शिक्षा विभाग में बाबू ललित कुमार, निश्चित अरोड़ा, संदीप कुमार, जीत सिंह, के अलावा संविदा पर कर्मचारी वर्षों से जमे हुए हैं।
विकास भवन और कलेक्ट्रेट में जमे हुए कर्मचारी

विकास भवन में गोंविद सिंह के साथ ही कलेक्ट्रेट मुरादाबाद काफी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से कार्यरत होकर सरकार की मंशा को पलीता लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे कर्मचारी अधिकारियों को लाभ पहुंचाते हुए उनके चहते बने रहते हैं। जो कहीं न कहीं सरकारी की नीति के खिलाफ है। अब देखते हैं कि इस बार की तबादला नीति में भी इनका सबका तबादला होता है या नहीं।
