संजय शर्मा,
नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में काफी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए जूलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौपतें हुए कहा गया कि हाल ही में मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा एक सार्वजनिक मंच से दिए गए भाषण के दौरान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, योगी आदित्यनाथ की पूज्य माता जी के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक, अमर्यादित एवं अशोभनीय टिप्पणी की गई है।
इस कृत्य से संपूर्ण हिंदू जनमानस में भारी रोष और स्वाभाविक आक्रोश व्याप्त है। इस विषय की गंभीरता को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से हम आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं। धार्मिक भावनाओं को ठेस गोरक्षनाथ पीठ सनातन धर्म की एक अत्यंत प्रतिष्ठित एवं प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का केंद्र है। महाराज इस पवित्र पीठ के पीठाधीश्वर होने के साथ-साथ हिंदू समाज के प्रमुख सांस्कृतिक नेतृत्वकर्ता हैं। उनके परिवार के प्रति ऐसी अभद्र भाषा के प्रयोग से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और घार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
संवैधानिक पद का अपमान हुआ है मुख्यमंत्री एक सर्वोच्छ संवैधानिक पद पर आसीन हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से उनके परिवार के खिलाफ की गई यह ओछी टिप्पणी न केवल सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अपमान है। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए इस प्रकार के भड़काऊ और अपमानजनक वक्तव्य जानबूझकर समाज में वैमनस्य उत्पन्न करने और शांति भंग करने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। महासंघ की ओर से यह भी कहा कि इससे जनपद एवं प्रदेश की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल संभावना है।
इसलिए विश्व हिन्दू महासंघ आपसे मांग करता है कि
मौलाना अब्दुल्ला सलीम) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं (धार्मिक भावनाएं भड़काने, वैमनस्य फैलाने एवं शांति भंग करने) तथा आईटी एक्ट के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए व समाज में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जल्द ही उसको गिरफ्तार किया जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष डा. सुरज सिंह, धर्मेन्द्र शर्मा, पुष्पांजलि कुमारी, मिनाक्षी गुप्ता, डाल चंद शर्मा, गिरीराज सिंह, धीरज शर्मा, विकास भटनागर आदि मौजूद रहे।
