नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। चरस तस्करी के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे दोषसिद्ध (कन्विक्शन) अभियान के तहत की गई। मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को यह सजा मिल पाई।
यह मामला वर्ष 2019 का है। सिविल लाइंस थाने में उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह पुंडीर ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप के अनुसार, 9 सितंबर 2019 को ग्रीन मीडोज स्कूल के पास से टॉवर वाली गली, चक्कर की मिलक निवासी फिरासत पुत्र रियासत को गिरफ्तार किया गया था।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 350 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे-7 शैलेंद्र वर्मा की अदालत में हुई।
न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी फिरासत को दोषी पाया। इसके बाद उसे तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इस मामले की पैरवी सरकारी वकील की हैसियत एडीजीसी नीलम वर्मा ने विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार द्वारा की गई थी। मुकदमे की पैरवी कांस्टेबल नौरंगी ने की।
