नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद।बेसिक शिक्षा विभाग की खंड शिक्षा अधिकारी वंदना सैनी पर कुछ समय पहले धनराशि में हेराफेरी करने का आरोप लगा था। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय जांच की गई जिसमें दोषी पाए जाने पर वंदना सैनी को निलंबित कर दिया गया था
निलंबन के विरुद्ध हाईकोर्ट गई वंदना सैनी को थोड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट ने अनुशासनात्मक जांच जारी रखते हुए बहाल किए जाने के आदेश दिए थे। और यह भी कहा था कि जांच में कोर्ट कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है। विभाग तीन महीने में पूरे आरोपों के साथ जांच कर कार्यवाही करे। इसके बाद वंदना सैनी की बहाली अथवा मामले में डबल बैंच में अपील करने का निर्णय विभाग को लेना है। परन्तु अभी तक विभाग की ओर से कोई भी आदेश जारी नहीं किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि शिक्षकों में अपनी धमक जमाने के उद्देश्य से वंदना सैनी के द्वारा सभी नियमों को दरकिनार कर विभाग से बहाल हुए बिना ही स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। 25 फरवरी 2026 को नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खुशहालपुर तथा 27 फरवरी को प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर और लाइनपार का निरीक्षण किया गया। बावजूद इसके कि विभाग से वह अभी तक न बहाल हुई है और न ही उन्हें कोई तैनाती मिली है। और खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र के पद पर इस समय वागीश गोयल कार्यरत हैं। उनके द्वारा भी स्कूलों में निरीक्षण किए जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि मामले की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी मुरादाबाद को भी दे दी गई है परंतु कोई एक्शन नहीं लिया गया है।

नेशन एक्सप्रेस इंडिया की टीम द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने के लिए फोन किया गया परंतु बात नहीं हो पायी अब देखना यह है कि निलंबित खंड शिक्षा अधिकारी की मनमानी पर रोक लगेगी या फिर ऐसे ही जारी रहेगी।
