नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति में फ्लैट आवंटन को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। समिति की अंतरिम कमेटी द्वारा रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि विनायकाय अपार्टमेंट में बन रहे फ्लैटों के आवंटन में सदस्यता नियमों को दरकिनार कर 134 संदिग्ध सदस्यों को फ्लैट दे दिए गए। आरोप है कि पुराने वास्तविक सदस्यों के नाम रजिस्टर से काटकर उनकी जगह नए लोगों को सदस्य बनाकर फ्लैट का आवंटन कर दिया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि विनायक अपार्टमेंट परियोजना में कुल 245 फ्लैट निर्मित हो रहे हैं। इनमें से एक ब्लाक में फ्लैट लगभग तैयार हो गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं जिनकी सदस्यता प्रक्रिया ही नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई। सदस्यता रजिस्टर में कई स्थानों पर पुराने सदस्यों के नाम काटे गए। कहीं सफेदी लगाई गई तो कहीं लाल पैन से नए नाम दर्ज कर दिए गए। सहकारी नियमों के अनुसार किसी भी सदस्य का स्थानांतरण तभी
संभव होता है, जब संबंधित सदस्य की लिखित सहमति ली जाए और उसकी जमा धनराशि बैंक खाते के माध्यम से वापस की जाए। इसके बाद ही पुराने के स्थान पर नया सदस्य बनाया जा सकता है, लेकिन प्राथमिक जांच में पाया गया कि कई मामलों में बिना सहमति और बिना भुगतान वापसी के ही सदस्यता बदल दी गई। कुछ अभिलेखों में नीले पैन से नामों को काटा गया हैं, जबकि कई प्रविष्टियों में व्हाइट ईंक लगाकर नए नाम दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान ऐसे प्रकरण भी सामने आए हैं जिनमें एक ही फ्लैट के दो व्यक्तियों के पास अलग-अलग आवंटन पत्र मौजूद हैं। परंतु अब तक किसी को कब्जा नहीं मिला है।
इससे आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहकारी विभाग ने मायानगर – सहकारी आवास समिति की पूर्व – प्रबंध कमेटी को भंग कर दिया है। – सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय को समिति का प्रशासक नियुक्त किया गया है। अंतरिम कमेटी में सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) बिलारी अनिल कुमार त्रिपाठी को सचिव बनाया गया है, जबकि एडीसीओ कंचन सिंह तथा आवास विकास परिषद के आवास अधिकारी सतीश कुमार द्विवेदी सदस्य के रूप में जांच में शामिल हैं। चार्ज संभालने के बाद समिति के अभिलेखों की जांच शुरू की गई, जिसमें सदस्यता के मामले में बड़ी गड़बड़ी निकलकर सामने आई है।
