जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय पर बाहरी कर्मचारियों का कब्जा

नेशन एक्सप्रेस इंडिया,

मुरादाबाद । जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में नियमित कर्मचारियों के होते हुए भी कुछ बाहरी कर्मचारियों और लोगों की धमक व दखल स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है है। ऐसे कर्मचारी अधिकारियों पर अपनी पकड़ और सेटिंग के जरिए पूरी तरह से जि. वि.नि. दफ्तर पर हावी हैं और हर कार्य को अपनी मर्जी से कर रहे हैं। जबकि अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार जिला विद्यालय निरीक्षक मुरादाबाद के कार्यालय में दो लिपिक और एक महिला टीचर ऐसे हैं जिनकी नियुक्ति कॉलेजों में होने के बाबजूद भी यह हमेशा से कार्यालय में ही कार्य कर रहे हैं। चाहें कोई अधिकारी आए या जाए इन्हें फर्क नहीं पड़ता। यह अपनी जगह कायम रहते हैं। इनमें से एक बाबू तो इतना शातिर है कि वह जिस कार्यालय में रहता है वहां सबसे मलाईदार पटल पकड़ता है और जमकर अनुचित लाभ लेता है। कार्यालय में नियुक्ति न होने के बावजूद भी बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य कई साल से यही बाबू देखता आ रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि बोर्ड परीक्षा केन्द्र निर्धारण में यह बाबू हर साल लाखों के बारे के न्यारे कर लेता है। एक शिक्षक का भाई जो कि बाबू है वह भी कई सालों से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मुरादाबाद में डटा हुआ है। जब जिला विद्यालय निरीक्षक या किसी दूसरे अधिकारी से इन बाबुओं के बारे में जानकारी की जाती है तो वह कहते हैं कि उनके यहां यह अटैच नहीं है। जबकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि एक महिला टीचर जो किसी न किसी बहाने से खुद को कागजी कार्यों में लगवाकर अधिकारियों के कार्यालयों में ही घुमती रहती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग का कोई भी आयोजन हो या कोई अन्य कार्य इस महिला शिक्षिका की उपस्थिति और सीनियर अधिकारियों से तालमेल भी चर्चा का विषय बना रहता है। बताया जाता है कि विज्ञान विषय की यह शिक्षिका अपने ट्रासंफर को लेकर सुनियोजित हंगामा कराने और लोकप्रियता हासिल करने में माहिर है और अधिकारियों के द्वारा कोई न कोई पुरस्कार लेने के चक्कर में लगी रहती है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में मिलने वाले पुरस्कार योग्यता के आधार पर कम कृपा पात्रता के आधार पर ज्यादा मिलते हैं। अब देखते हैं कि इन बाहरी लोगों से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय मुक्त हो पाता है या नहीं।

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