एसपी यातायात के हाथ से निकली यातायात व्यवस्था की कमान
नेशन एक्सप्रेस इंडिया संवाद,
मुरादाबाद। जनप्रतिनिधियों के दबाव और अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर की जनता जाम की मार झेलने को मजबूर है। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। चारों तरफ ई रिक्शा का अंबार लगा रहता है।मुख्य बाजार गुरहट्टी से लेकर मंडी चौक, मंडी चौक से लेकर दीवान का बाजार, कटरा नाज़, इंदिरा चौक, गलशहीद तक हर जगह घंटों जाम लगा रहता है। दिन भर मुख्य बाजारों में बेधड़क चौपहिया वाहनों की आवाजाही लगी रहती है।पूर्व में मंडलायुक्त के निर्देशानुसार नगर निगम परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के द्वारा महानगर में ई-रिक्शा संचालन के लिए शहर में 5 ज़ोन बनाए गए थे, ताकि संचालन ठीक प्रकार से हो सके और हर समय लगने वाली जाम की स्थिति सुधर सके। लेकिन ज़ोन व्यवस्था कुछ दिन बाद ही ठंडे बस्ते में पड़ गई और मुख्य बाजारों में ई-रिक्शा फिर से बिना किसी ज़ोन व्यवस्था के बेतरतीब दौड़ने लगे। यही जाम का सबसे बड़ा कारण बन रहा है।स्थिति यह है कि बाजारों में लगने वाले जाम में एंबुलेंस तक फंस जाती है। मरीजों का समय पर अस्पताल तक पहुंचना दुबर हो रहा है। अपने माता – पिता- के साथ स्कूल से लौट रहे छोटे-छोटे बच्चे धूप में खड़े गर्मी से बिलखते रहते हैं, लेकिन यातायात पुलिस और खासतौर से मुरादाबाद में वर्षों से जमे एसपी यातायात का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। सूत्र बताते हैं कि यदि जनता की मांग पर प्रशासन ई रिक्शाओं पर कोई कार्यवाही करता है तो वोट की खातिर जनप्रतिनिधि कार्यवाही रुकवाने मैदान में कूद पड़ते हैं।अब स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ई-रिक्शा के लिए बनाई गई ज़ोन व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। और सुबह दस बजे से से रात 9 बजे तक मुख्य बाजारों में चौपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए।

