नेशन एक्सप्रेस इंडिया संवाद,
मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नियमों के विपरित कार्य करने की आदत बन चुकी है। चाहें कैसा भी मामला हो या कोई भी आदेश उसका पालन नहीं करना और उसके खिलाफ कार्य करना यह अपनी शान समझते हैं। ताजा मामला महानगर मुरादाबाद में कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी बीईओ वागीश गोयल से जुड़ा बताया जाता है। अपने जनपद मुरादाबाद के कार्यकाल के दौरान जितने विवाद और नियम विरुद्ध जितने कार्य इन्होंने किए हैं उतने शायद किसी और ने नहीं किए होंगे। महानगर मुरादाबाद से पूर्व ब्लाक ठाकुरद्वारा में महिला शिक्षिकाओं के उत्पीड़न में भी यह अधिकारी दोषी पाये जा चुके है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा किसी भी कर्मचारी का अटैचमेंट नहीं करने के आदेशों के खिलाफ वागीश गोयल ने अपने कार्यालय में पूरे एक वर्ष तक पीएम श्री स्कूल तहसील के दो अनुदेशकों को अटैच रखा गया और जब विभाग के अधिकारियों ने इसकी पड़ताल करने की कोशिश करी तो झूठ बोलने में पारंगत इस खंड शिक्षा अधिकारी ने अधिकारियों को बताया कि अनुदेशक विद्यालय समय के बाद कार्यालय आते हैं। जबकि सूत्रों के अनुसार स्कूल की उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर के कालम में कार्यालय लिखा गया था। इसी बात को छिपाने के लिए इस खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की हेड टीचर पर भी दबाव बनाया हुआ है। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारी नगर वागीश गोयल की हठधर्मिता और विभाग की आँखो में धूल झोंकने का प्रकरण कांठ रोड के वार्ड काजीपुरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय से भी जुड़ा हुआ है। सूत्र बताते है कि इस स्कूल की सुचित्रा सिंह नाम की टीचर पिछले कई महीनों से स्कूल ही नहीं आ रही है और उसकी जगह एक अन्य पुरुष टीचर काजीपुरा के स्कूल में पढ़ा रहा है। जो दिनभर फोन पर व्यस्त रहता है और मनमर्जी से स्कूल चला रहा है। काजीपुरा की इस सुचित्रा नाम की टीचर के बारे में जब शिक्षा विभाग के लोगों से जानकारी की गई तो यह पता चला कि यह खंड शिक्षा अधिकारी गोयल की कृपा पात्र है और उसके संरक्षण में किसी अन्य अपनी पसंद के स्कूल में हाजरी दे रही है। जबकि इसकी तनख्वाह काजीपुरा से ही निकल रही है। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी नगर की भूमिका स्पष्ट रूप से संदिग्ध प्रतीत हो रही है। साथ ही इससे विभाग के उन दावों की भी पोल खुल रही है कि कहीं पर भी कोई अटैचमेंट नहीं है। अब इस मामले का खुलासा होने और क्षेत्रीय लोगों के सक्रिय होने के बाद इसकी जांच होनी तय है। देखते हैं आगे क्या होता है।


