नेशन एक्सप्रेस इंडिया संवाद,
मुरादाबाद। प्राचीन श्री काली माता मंदिर, मिश्री गिरि जी का टीला, लालबाग, मुरादाबाद में ब्रह्मलीन महंत श्री कृष्णानंद गिरि महाराज की 23 वीं पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का समापन आज हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। सात दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में श्रद्धा, भक्ति एवं धर्ममय वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सप्तम दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन भजन-कीर्तन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। तत्पश्चात विधि-विधान से हवन-पूजन एवं कथा की पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। इसके उपरांत श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर, गाजियाबाद के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन महंत। श्री कृष्णानंद गिरि महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अपने संबोधन में महंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत श्री कृष्णानंद गिरि जी महाराज एक उच्चकोटि के तपस्वी एवं सिद्ध संत थे, जिनका जूना अखाड़े एवं संत समाज में विशेष सम्मान था। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद की जनभावनाओं एवं मंदिर की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए जूना अखाड़े द्वारा निरंतर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत श्री हरि गिरि महाराज के संरक्षण एवं निर्देशन में मंदिर के विकास एवं धार्मिक गतिविधियों का विस्तार निरंतर किया जा रहा है।
महंत नारायण गिरि महाराज ने सात दिवसीय कथा महोत्सव में पधारे सभी संतों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं सेवकों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की पूर्णाहुति की घोषणा की।
महंत श्री हरि गिरि महाराज के संरक्षण एवं निर्देशानुसार आयोजित विशाल भंडारा दोपहर 12:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक तथा रात्रि 8:00 बजे से 9:00 बजे तक चला, जिसमें लगभग 5,000 से 6,000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से महंत गिरीशानंद गिरि महाराज, महंत महाकाल गिरि महाराज, महंत वशिष्ठ गिरि महाराज, महंत आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, महंत महेश गिरि महाराज, महंत महेंद्र कृष्ण गिरि महाराज, महंत शैलेंद्र गिरि महाराज, महंत जिज्ञासानंद गिरि महाराज तथा राजस्थान के जसोल से पधारे कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल उपस्थित रहे।
भंडारे एवं आयोजन व्यवस्था में विशेष रूप से राहुल शर्मा , अनुज शर्मा , नीरज गुप्ता , अनिल शर्मा सहित अनेक सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं भक्तों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन एवं अमृतमयी प्रवचन आचार्य नित्यानंद वैदिक जी महाराज द्वारा किया गया। यह समस्त आयोजन ब्रह्मलीन महंत श्री कृष्णानंद गिरि महाराज, महंत ओंकारेश्वरानंद गिरि महाराज तथा काली माता मंदिर के समस्त पूज्य गुरुजनों एवं संत महापुरुषों की पावन स्मृति को समर्पित रहा।
रात्रि 7:00 बजे आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ यह विशाल धार्मिक आयोजन पूर्ण श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

