नेशन एक्सप्रेस इंडिया संवाद,
मुरादाबाद। जनता का सवाल जमीन की जांच रिपोर्ट क्यों लंबित की जा रही है तत्कालीन जिलाधिकारी का तबादला जमीन हड़पने के लिए कराया गया क्या मुरादाबाद की जनता का अब प्रशासन पर से भरोसा उठ जाएगा क्या। मामला पुराने टोल प्लाजा के पास धीमरी जमीन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट सीएम कंपोजिट विद्यालय से जुड़ा है। आपको बता दें बीती 12 मार्च को पुराने टोल प्लाजा के पास धीमरी गांव में प्रशासन की टीम कंपोजिट विद्यालय की जमीन की पैमाइश करने के लिए पहुंची थी। जहां उसे जमीन के चारों ओर से बाउंड्री वॉल खड़ी दिखाई दी जिसको बुलडोजर की मदद से गिरा दिया गया था। इस बात की भनक जब मुरादाबाद महापौर विनोद अग्रवाल को लगी तब वह भी वहां पहुंच गए और टीम से जमीन अपनी होने का दावा करने लगे पर उस समय उनकी एक नहीं सुनी गई। इस बात की शिकायत महापौर ने उसी दिन तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज सिंह से की थी जिसको गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अगले दिन अपनी मौजूदगी में दोबारा से पैमाइश करायी थी जो 14 मार्च तक चली और दोबारा पैमाइश में भी जमीन सरकारी होने की पुष्टि हुई थी।

दोनों बार की पैमाइश होने के बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी ने शासन व मंडलायुक्त को भेज दी थी। और मुरादाबाद के तत्कालीन बीएसए विमलेश कुमार को विद्यालय निर्माण कराने के आदेश जारी कर दिए थे। जिस पर महापौर आगबबूला हो गए और मंडलायुक्त को पत्र लिखकर बाहरी जिले के प्रशासन द्वारा पैमाइश व जांच कराने की मांग उठा दी। महापौर के पत्र पर विचार करते हुए मंडलायुक्त आंज्नेय कुमार सिंह ने अमरोहा एडीएम के नेतृत्व में आठ सदस्यीय कमेटी बना दी और निर्देश दिया कि एक एक बिंदु को शामिल करके बारिकी से पैमाइश कर जांच रिपोर्ट सौंपी जाए। हुआ भी कुछ यही कमेटी ने समय लेते हुए बारिकी से पैमाइश की और कुछ दिन बाद जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी दी जिसमें जमीन सरकारी होने के ही कयास लगाए गए। परंतु मंडलायुक्त द्वारा कुछ और बिंदुओं को शामिल करके जांच करने के निर्देश दिए गए जिसके बाद कमेटी दोबारा से जांच में जुट गई जो अभी तक भी पूरी नहीं हुई।
जनता कर रही विद्यालय बनने का इंतजार
जनता धीमरी में अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कंपोजिट विद्यालय की आस लगाए बैठी थी। परंतु जांच पूरी न होने के बावजूद भी हाल ही में मुरादाबाद के जिलाधिकारी राजेन्द्र पेंंसिया ने यह कहते हुए कि मंडलायुक्त द्वारा गठित की गई कमेटी की जांच अभी नहीं आई है उससे पहले निर्माण कराना उचित नहीं है। इसलिए कंपोजिट विद्यालय अब धीमरी जमीन पर नहीं बनेगा विद्यालय के लिए जल्द ही कहीं और निर्विवाद जमीन तलाशने के आदेश एसडीएम सदर को जारी करके सभी को चौंका दिया। वहीं जिलाधिकारी राजेन्द्र पेंंसिया के इस आदेश ने जनता के मन में भी मुरादाबाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए कि क्या तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज सिंह की नेतृत्व में की गई पैमाइश और सौंपी गई जांच रिपोर्ट गलत थी या उनका तबादला इसी काम को अंजाम देने के लिए कराया गया है। क्योंकि तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज सिंह की पैमाइश और जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद जमीन पर गाटा संख्या लिखकर सरकारी होने का बोर्ड तक खड़ा करा दिया गया था और बीएसए विमलेश कुमार को स्पष्ट कह दिया था कि जल्द ही विद्यालय निर्माण कराया जाए यदि जमीन पर दोबारा कब्जा हुआ तो शिक्षा विभाग जिम्मेदार होगा और उस पर कार्यवाही की जायेगी।

