नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में जगह-जगह स्मार्ट साइड पटरी बनाकर ढोल पिटने वाले नगर निगम की एक घंटे की ही बारिश ने पोल खोलकर रख दी अंदर शहर के चौमुखा पुल तहसील स्कूल रेती मौहल्ले की बात तो छोड़िए एमडीए में पाश कालोनी किले से रामगंगा विहार सेल टैक्स को जाने वाली 24 मीटर रोड का ये हाल है कि राहगीरों को बरसात के गंदे पानी में होकर जाना पड़ रहा है सड़क पर पानी ही पानी है। इतना ही नहीं आसपास की गलियां तो पानी से लबालब भर गई है। जबकि इस रोड पर करोड़ों रुपए लग चुका है। कभी स्मार्ट रोड के नाम पर कभी साइड पटरी के नाम पर कभी पानी निकासी के लिए बड़े नाले के नाम पर परंतु आज भी यहां का हाल वो ही है जो पहले था भले ही नगर निगम के अधिकारी और महापौर विकास का ढोल पीटने रहें जनता आज भी परेशान है पहले भी परेशान थी। परंतु अब जनता का सवाल है कि सड़कों पर इस पानी भरने का जिम्मेदार कौन है हम देखते हैं कि जब मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री या मंत्री आते हैं तो विकास के बड़े दावे करते हुए अपनी पीठ थपकवाई जाती है जनता की याद चुनाव के समय आती है। सरकार द्वारा इतना रुपए भेजा जा रहा है पर लगता नहीं दिखता जनता की आम सुविधाओं छोड़कर स्मार्ट सिटी की आड़ में पार्क के नाम पर रुपए लगाया जा रहा है।
गंदे पानी में होकर निकलते समय आशा अग्रवाल का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी अपने कमरों में बैठे रहते हैं और जब काम होता है तो कोई देखने नहीं आता सरकार का पैसा ऐसे ही बर्बाद हो रहा है अभी यहां नाला तक बना था फिर भी ये हाल है



