अभिषेक गौड़,
नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने मिड डे मील में हो रही गड़बड़ी को देखते हुए व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए भोजन स्कूलों में ही बनवाने के आदेश जारी कर दिए थे परंतु उस आदेश को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है। क्योंकि आपको बता दें जिलाधिकारी को कई बार मिड डे मील में एनजीओ और ठेकेदार की मिलीभगत से बड़ी धांधली करने की शिकायत मिल रही थी। इसी बात को गंभीरता से लेते हुए दिसंबर माह में मिड डे मील की बैठक में जिलाधिकारी ने आदेश जारी किए थे कि मिड डे मील अब पहले से बनकर नहीं आयेगा बल्कि स्कूल में ही बनाया जायेगा जिससे बच्चों को शुद्ध और पोष्टिक भोजन मिलेगा परंतु सूत्र बताते हैं कि एक अप्रैल से मिड डे मील बनना है पर बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से आज तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। आज अवकाश है। स्कूलों में न तो राशन पहुंचा न गैस न ही पैसा सिर्फ लेटर लेटर खेल रहा है बेसिक शिक्षा विभाग।

वहीं NGO पूरी तरह से सक्रिय होकर पुरानी व्यवस्था को ही लागू कराने की जुगाड़ में लगे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की इस लापरवाही से जिलाधिकारी की बच्चों को अच्छा भोजन देने की व्यवस्था फ्लॉप होती दिख रही है। अभी तक की लापरवाही को देखते हुए ऐसा लगता है कि बेसिक शिक्षा विभाग इस व्यवस्था को खुद ही फ्लॉप करवाना चाहता है जिससे NGO को ही काम मिलता रहे।
