नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। नगर विधायक रितेश गुप्ता ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर धीमरी गाँव में चिन्हित मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय भूमि विवाद की जांच जल्दी पूरी कराने की मांग उठा दी है। विधायक ने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय मेरी विधानसभा क्षेत्र 28 मुरादाबाद नगर मे प्रस्तावित है जिला प्रशासन द्वारा कम्पोजिट विद्यालय हेतु ग्राम धीमरी मे भूमि चिन्हित कर बेसिक शिक्षा विभाग को दी गई है। परन्तु कुछ भूमाफियां जिनका नाम शौकीन व चाँद बाबू पुत्रगण अब्दुल अजीज, मोहम्मद शाह उमाद पुत्र शाहीद अली आदि है।
विधायक ने कहा कि इन भूमाफियाओं के द्वारा ग्राम धीमरी में सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। इस पर उन्होंने मंडलायुक्त से मांग की है कि भूमि की नपाई के लिए जो टीम गठित की गई है उसको निर्देशित किया जाये कि वह अपनी जांच शीघ्र पूरी करे जिससे मुख्यमंत्री के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कराया जा सके और बच्चों को पढाई करने की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमाफियां इस प्रकरण को लंबा खींचकर जांच प्रभावित करने वा न्यायालय की शरण में जाने की फिराक में हैं।

आपको बता दें कि धीमरी गाँव में मुख्यमंत्री के मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा भूमि चिन्हित की गई थी। लगभग 20 दिन पहले जब टीम विद्यालय निर्माण के लिए भूमि का निरीक्षण करने आयी तो जमीन पर मेयर द्वारा की हुई बाउंड्री मिली जिसको प्रशासन ने बुलडोजर के माध्यम से तोड़ दिया। उसके बाद मेयर ने प्रशासन पर अपनी राजनीतिक छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए भूमि अपनी होने का दावा किया था। और उसी चांद बाबू से जिसका नाम नगर विधायक ने अपने पत्र में शामिल किया है। दस साल पहले खरीदने की बात कही थी।

मेयर ने जिलाधिकारी से भी शिकायत की थी जिस पर जिलाधिकारी की मौजूदगी में दोबारा नपाई कराई गई जिसमें भूमि सरकारी होना ही साबित हुआ और जिलाधिकारी द्वारा विद्यालय निर्माण के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी कर दिया गया था। परंतु मेयर को बात न गवार गुजरी और मंडलायुक्त को पत्र लिखकर बाहरी जिला प्रशासन की टीम बनाकर एक बार फिर से नपाई कराने की मांग की जिस पर मंडलायुक्त द्वारा अमरोहा की एक टीम गठित कर नपाई कराने के आदेश दिए गए। गठित की गई टीम के द्वारा निरंतर नपाई चल रही है। परंतु सूत्र अब भी भूमि सरकारी होने की ओर ही इशारा कर रहे हैं। वहीं अब नगर विधायक भी पत्र लिखकर भूमि की शीघ्र नपाई कराकर विद्यालय निर्माण कराने के लिए मुखर हो चुकें हैं।
विधायक के पत्र में चांद बाबू का नाम शामिल किये जाने से मेयर खेमे में भी खलबली मच गई और यह लाजमी भी है। परंतु अब देखना यह है कि टीम कब तक नपाई पूरी कर अपनी जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपती है और कब तक विद्यालय निर्माण का रास्ता साफ होता है।
10:40 pm
