संजय शर्मा,
नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। मुरादाबाद नगर निगम निर्माण विभाग में पांच पांच साल से शासन की तबादला नीति को ठेंगा दिखाकर अधिकारी जमें हुए हैं हर वर्ष तबादला सूची में उन अधिकारियों के तबादले के कयास लगाये जाते हैं। कई बार तो इनके इतने लंबे समय तक एक ही जनपद में जमें रहने से विकास कार्य प्रभावित होने और भ्रष्टाचार बढ़ने तक के सवाल उठ चुके हैं। विस्तार से बताते हैं किशन लाल पांच वर्ष तक मुरादाबाद में ही अवर अभियंता के पद पर कार्य करते हुए सहायक अभियंता और पांच वर्ष से ही कार्य करते हुए विजेंद्र यादव लगभग ढेड़ वर्ष पूर्व अवर अभियंता से सहायक अभियंता होने के बावजूद भी मुरादाबाद नगर निगम में ही जमें हुए हैं। वहीं अवर अभियंता के पद पर ही तैनात शिव मोहन को भी पांच वर्ष से अधिक समय मुरादाबाद नगर निगम में ही हो गया सूत्र बताते हैं कि शासन द्वारा पिछले वर्ष किशन लाल, विजेंद्र यादव और शिव मोहन का तबादला किया गया था परंतु उन्हें आजतक नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल द्वारा रिलीव नहीं किया गया है मुरादाबाद नगर निगम का यह मामला शासन की एक जनपद में तीन वर्ष से अधिक न रहने वाली तबादला नीति को तो मुंह चीढा़ ही रहा है साथ ही इन सभी अधिकारियों की नगर आयुक्त से किसी गंभीर सांठगांठ की ओर भी इशारा कर रहा है। जबकि इस वर्ष भी तबादला होने का समय नजदीक आ गया है। अब देखना है कि लंबे समय से जमें इन अधिकारियों को रिलीव किया जाता है या फिर नगर आयुक्त और इनकी आपस में यूँ ही सांठगांठ चलती रहेगी। हालांकि कयास तो नगर आयुक्त के तबादले के भी लगाये जा रहे हैं। परंतु ये शासन के संज्ञान लेने का विषय है कि तबादले की ज़द में कौन कौन अधिकारी आता है।
