नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। सिद्धपीठ काली माता मंदिर के महंत रामगिरि ने आने वाले नवरात्र के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम संवत 2083 चैत्र मास नवरात्रि की शुरुआत दिनांक 19 मार्च 2026 से होगी और जो 27 मार्च 2026 को रामनवमी के पावन पर्व पर मां सिद्धिदात्री के पूजन के साथ सम्पन्न होगी। इस बार चैत्र नवरात्र गुरुवार के दिन से प्रारंभ हों रहे हैं जिस कारण देवी मां का आगमन पालकी की सवारी पर होगा और प्रस्थान हाथी की सवारी पर होगा।
उन्होंने विस्तार से बताया कि कलश स्थापना का मुहूर्त प्रतिपदा के दिन 19 मार्च को प्रातः 6 बजकर 52 से 7 बजकर 43 मिनट तक ओर तत्पश्चात दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। जो साधक कलश स्थापना कर देवी मां की साधना करते हैं वह दोनों में से किसी एक मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं। महाकाली माता जी की पूजा की विशेष सप्तमी तिथि दिनांक 25 मार्च को रहेगी। इस दिन श्री माता जी का विशेष श्रृंगार और पूजन होगा तथा संध्या आरती के समय भक्तों द्वारा भोग अर्पित कर प्रसाद का वितरण किया जाएगा। उदया तिथि के अनुसार अष्टमी तिथि दिनांक 26 मार्च को और रामनवमी दिनांक 27 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन श्री माता जी का दर्शन और पूजन विशेष फलदायी होता है। शाम को मंदिर खुलने पर श्री माता जी का भोग लगाकर नवरात्रि का व्रत का परायण होता है और उसके बाद शाम से मध्य रात्रि तक मंदिर खुले रहने तक हलवे का प्रसाद वितरण होता है।
महंत रामगिरि ने देश प्रदेश की समस्त धार्मिक जनता से अनुरोध किया है कि इस नवरात्रि को मंदिर में मर्यादित वस्त्रों और सनातन संस्कृति के अनुसार आकर श्री माता जी के दिव्य दर्शन करें और देश हित की कामना करते हुए धर्म लाभ प्राप्त करें।
