ट्रुथ ज़ोन,
मुरादाबाद। जनप्रतिनिधियों के लिए जीत का गढ़ माने जाने वाले कुछ लोगों का कहना है कि हिंदू बाहुल्य लाइनपार क्षेत्र उपेक्षा का शिकार हो चुका है। करोड़ों रुपए की स्मार्ट सिटी परियोजना में लाइनपार के हिस्से में बड़ी मुश्किल से एक सड़क आई है जिसका निर्माण भगवान भरोसे चल रहा है। इसके अलावा लाइनपार क्षेत्र में कोई ऐसा ठोस विकास आज तक नहीं हो सका जिसे जनप्रतिनिधि अपनी उपलब्धि के नाम पर गिना पाएं। कहीं सड़के खुदी पड़ी हैं तो कहीं नाले बंद है। कहीं गंदगी के ढेर लगे हैं तो कहीं रास्ते जाम हो रखे हैं। कुल मिलाकर आज तक लाइनपार को विकास के नाम पर सिर्फ ठगा ही गया है। कुछ समय पहले चाऊ की बस्ती राम तलैया क्षेत्र के पार्षद विनोद शर्मा ने भी नगर निगम में टैंडर मेनेज कराकर हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर आवाज उठाई थी परंतु वह भी खामोश हो गये। कपूर कंम्पनी का पुल दो साल से ज्यादा समय तक बंद रहा कोई जनप्रतिनिधि आगे नहीं आया। जब विपक्षी दल के सांसद से लोग जाकर मिले तो नींद टूटी। लोगों का कहना है कि नगर निगम की नजर में तो लाइनपार जैसे शहर में है ही नहीं। लोगों ने यह भी बताया कि सफाई कर्मचारी सप्ताह में 2 दिन आकर ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। लोग घरों के आगे की सफाई खुद करने पर मजबूर हैं। सुबह के समय प्रकाश नगर से लेकर मंडी समिति तक रहने वाले जाम की वजह से आए दिन बच्चों को स्कूल के लिए देर हो जाती है। मगर मजाल है किसी की कि कोई सवाल उठा दे। यही हाल चाऊ की बस्ती, कुंदनपुर एकता कालोनी, विकास नगर, ढ़क्का का भी है। कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो लाइनपार नेताओं के लिए बस वोटों की मशीन बनकर रह गया है। जिसको बाद में कोई नहीं पूछता। अब देखते हैं कि आने वाले चुनावों में लाइनपार के लोग क्या सोचते हैं।
