नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। लालबाग स्थित सिद्ध पीठ प्राचीन काली माता मंदिर और सिद्ध पीठ नौ देवी मंदिर को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। गाजियाबाद से चलकर बुद्ध वार को प्रातः 11 बजे शहर पहुंचे जूना अखाड़े के प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज ने दोनों मंदिरों के महंतों को उनके पदों से हटाए जाने की बात घोषणा कर दी। इसके बाद एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने वाले दोनों महंत एक होकर एक स्वर में बोलने लगे। और नारायण गिरि द्वारा की मौखिक घोषणा को बाहरी व अवैध करार दिया। कहा कि मामला हमारे और जूना अखाड़े के बीच मुरादाबाद सिविल न्यायालय में लंबित है जिसकी 24 अप्रैल को अगली सुनवाई होनी है।
हालांकि पूरे विवाद की जड़ में गंभीर आरोप-प्रत्यारोप हैं। महंत रामगिरी काफी समय से महंत सज्जनगिरी पर मंदिर की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाने के साथ साथ उनके व्यक्तित्व पर भी सवाल उठाते आ रहें हैं। कोर्ट में विचारधीन मामले के समाधान के लिए पंचदशनाम जूना अखाड़ा आगे आया।

लालबाग स्थित काली माता मंदिर परिसर में अखाड़े की दो बार हुई पंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जिसके बाद अंतिम निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था। परंतु बुधवार को जूना अखाड़े के प्रवक्ता नारायण गिरी अखाड़े के मंत्री कंचन गिरी और पदाधिकारी देवेंद्र पुरी संग पहले मंदिर पहुंचे। जहाँ लगभग डेढ़ दो घंटे बैठक चली जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के साथ साथ आसपास के आमजनमानस को भी सुना गया जहाँ महंतो के खिलाफ काफी लोगों ने कैमरे के सामने आकर भी गंभीर आरोप लगाये। उसके बाद नारायण गिरी महाराज साथ में आये अपने अन्य पदाधिकारियों को लेकर जिलाधिकारी से मिलने कलक्ट्रेट पहुंचे। परंतु वहाँ जिलाधिकारी के वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में मामले की सिर्फ मौखिक जानकारी ही दे दी । और बाद में मिडिया से मुखातिब होते हुए नारायण गिरी ने बताया कि अखाड़े ने मंदिर के वर्तमान महंत सज्जन गिरी और राम गिरी दोनों को ही उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। और अब इन दोनों संतों को प्रयागराज स्थित अन्य मठों में सेवा के लिए भेजने पर विचार किया जाएगा। महंतो को हटाने की घोषणा के बाद से ही हड़कंप मच गया और कानून व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर पर पुलिस फोर्स भी लगा दी गई है।

वहीं इस पूरे मामले पर महंत सज्जनगिरी और महंत रामगिरी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ स्थानीय लोगों और अखाड़े पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ यहाँ के दोगले किस्म के भक्त है जिन्होंने अखाड़े को हमारे खिलाफ भड़काने का काम किया है। और वह मंदिर की व्यवस्थाओं में अनावश्यक घुसने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जूना अखाड़े से आये पदाधिकारी एकांत में ले जाकर हमसे रुपए की मांग कर रहे थे यदि यहाँ से रुपए मिल जाते तो वह कलेक्ट्रेट न जाकर सीधे गाजियाबाद ही लौट जाते परंतु हमने रुपए नहीं दिये और न ही हम देंगे ये मठ हमारी गुरु परंपरा का हैं उसके तहत हम यहाँ विराजमान हैं हमे कोई नहीं हटा सकता है। महंत सज्जनगिरी ने जूना अखाड़े पर कानपुर के एक मठ को भी कब्जा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जूना अखाड़े का काम है आपस में लड़वाओ और मठ पर कब्जा कर करो परंतु हम यहाँ ऐसा नहीं होने देंगे। हम दोनों एक है। जूना अखाड़े द्वारा की गई कार्यवाही सही है या गलत ये तो समय ही बतायेगा। फिलहाल अखाड़े द्वारा हटाने की मौखिक घोषणा हो चुकी है।
