संजय शर्मा,
नेशन एक्सप्रेस इंडिया,
मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार बुधबाजार स्मार्ट रोड नेटवर्क पर बनाए गए फुटपाथ अब राहगीरों के बजाय पूरी तरह दुकानदारों के कब्जे में हैं। पैदल चलने के लिए बनाए गए इन फुटपाथों पर दुकानों के बाहर सामान इस तरह फैला दिया जाता है कि लोगों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है। और जान जोखिम में डालकर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से गुजरना अब उनकी मजबूरी सी बन गई है। बुधबाजार चौराहा से इंपीरियल तिराहा तक लगभग एक किलोमीटर लंबी इस सड़क पर दोनों ओर सैकड़ों दुकानें हैं। शुरुआत कुछ दुकानों द्वारा फुटपाथ पर सामान रखकर की थी, उसके बाद देखते ही देखते अधिकतर दुकानदारों ने सामान बाहर ही रखना शुरू कर दिया। हालात यह है कि अब फुटपाथ पूरी तरह से अतिक्रमण की ही भेंट चढ़ चुके हैं। आपको बता दें इस स्मार्ट सिटी रोड और फुटपाथ के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। जिसका उद्देश्य था कि यातायात सुचारु हो और राहगीरों को चलने के लिए अच्छा और सुरक्षित पथ मिले। फुटपाथों को रेट्रोफिटिंग के तहत विकसित किया गया था और ऊपर से शेड भी लगाए गए थे, ताकि धूप और बारिश से बचाव हो सके, लेकिन वर्तमान स्थिति में इन सुविधाओं का लाभ केवल दुकानदार उठा रहे हैं, जबकि आम लोग सड़क पर चलकर जोखिम उठाने को मजबूर हैं। बुधबाजार शहर का मेन बाजारों में आता है, जहां मंडल का सबसे बड़ा हिंदू कालेज, जीजी हिंदू इंटर कालेज, एसएस इंटर कालेज, आर्य कन्या इंटर कालेज, कई बैंक और सैकड़ों होटल स्थित हैं। यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। खासकर कालेजों की छुट्टी के समय छात्रों की भीड़ सड़क पर उमड़ पड़ती है जिससे स्थिति और खराब हो जाती है।

बुधबाजार चौराहा से पुलिस चौकी तक सड़क कम चौड़ी है और यहां हर दिन जाम लग जाता है। फुटपाथ पर दुकानदारों के कब्जे के कारण पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए कोई विकल्प नहीं रह गया है। चौकी से आगे तो लगभग 35-40 मीटर चौड़ी सड़क पर भी चौड़े फुटपाथ बनाए गए थे, लेकिन वहां भी अतिक्रमण ने अपने पैर पसार लिए। हद यहाँ तक हो गई कि सड़क के दोनों ओर चौपइया और दुपइया वाहन उल्टे सीधे बेधड़क लगा दिए जाते हैं। वैसे एक अकेली बुद्ध बाजार रोड ही नहीं चाहें कोर्ट रोड हो ताड़ी खाना रोड हो या फिर सिविल लाइन्स का इलाका हो मुरारी चाट वाली रोड पर देखें तो ढेले वालों का कब्जा है राहगीर रात के समय भी नहीं निकल सकते वहीं कचहरी के बाहर वाली रोड पर तो ये हाल है कि खाने के होटल वालो ने पूरा सामान ही बाहर रखकर फुटपाथ पर कब्जा कर लिया है।


स्थिति यह है कि जिन स्मार्ट रोड को दिल्ली मुंबई जैसे शहरों की भांति विकसित करने का दावा किया गया था, वह आज अव्यवस्था और अतिक्रमण का सबव बनती जा रही है। राहगीरों का मानना है कि अभी तक की स्थिति यह है कि नगर निगम प्रशासन फुटपाथ पर से कब्जा हटवाने में फेल है यदि अधिकारियों द्वारा इन अतिक्रमणकारियों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो राहगीरों की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था व स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत इस रोड के लिए लगाये गये पैसे पर सवाल उठते रहेंगे।
